मरीज का नाम शिवराम स्वामी है जो आयुर्वेदिक इलाज के लिए राजस्थान से आए हैं। वह किडनी फेल्योर की अंतिम स्थिति से पीड़ित थे। शिवराम जी का क्रिएटिनिन लगातार बढ़ने की वजह से एलोपैथी डॉक्टर ने उन्हें डायलिसिस की सलाह दे दी थी और बोल दिया गया था कि क्रिएटिनिन कभी कम नहीं होगा, बढ़ता ही चला जाएगा।
इलाज से पहले
- थकान और कमजोरी महसूस होना
- हाई क्रिएटिनिन लेवल – 8.20
- हाई यूरिया लेवल – 177
आयुर्वेदिक इलाज के बाद
कर्मा आयुर्वेदा के आयुर्वेदिक उपचार के बाद से रोगी बिल्कुल स्वस्थ महसूस कर रहा है। एक तरफ एलोपैथी डॉक्टर ने उन्हें डायलिसिस की सलाह दी थी वहीं कर्मा आयुर्वेदा ने उनका बिना डायलिसिस किए क्रिएटिनिन लेवल को कम करके दिखाया।
- थकान और कमजोरी खत्म हुई
- क्रिएटिनिन लेवल – 6.65
- यूरिया लेवल - 106
विश्लेषण:
कर्मा आयुर्वेदा ने आयुर्वेदिक दवाओं से रोगी शिवराम जी को एक नया जीवनदान किया है और उनका क्रिएटिनिन लेवल कम किया है। डॉ. पुनीत धवन ने अपने मरीजों को आयुर्वेदिक दवाओं के साथ आहार चार्ट का पालन करने की भी सलाह दी है जिससे वह रोग मुक्त हो गए।
किडनी की बीमारी का आयुर्वेदिक उपचार
किडनी डिजीज बेहद गंभीर बीमारी होती है और अगर इसका समय से इलाज नहीं करवाया जाए तो इससे रोगी की मौत भी हो सकती हैं। विकासशील देशों में अधिक पैसे लगाकर संभावित समस्याओं और उपलब्धता की कमी की वजह से किडनी रोग से पीड़ित सिर्फ 5 से 10 प्रतिशत मरीज डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट का उपचार करवा लेते हैं, लेकिन बाकि मरीज सामान्य उपचार पर स्थित होते हैं। जिसे उन्हें कई परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। क्रोनिक किडनी रोग जैसे रोग ठीक हो पाना बेहद मुश्किल है। फिर रोगी अंतिम स्टेज में डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट होता हैं वो भी बेहद लागत के साथ इसलिए आप कर्मा आयुर्वेदा में कम खर्च में किडनी रोग से मुक्ति पा सकते हैं।
आयुर्वेद में मन, शरीर और आत्मा के उपचार के लिए प्राचीन उपचार तकनीक हैं। आयुर्वेद में किसी भी तरह की शारीरिक बीमारियों से सभी परेशानियों को बाहर निकालती हैं जैसे- पित्त, कफ और वात शामिल हैं, किसी भी चैनल में अवरोध शरीर में बीमारियों और समस्याओं का कारण बन सकता है। आयुर्वेद का मुख्य उद्देश्य किडनी रोग के इलाज के लिए अपरिष्कृत जड़ी-बूटियों और दवाओं का इस्तेमाल करती हैं जो किडनी रोग के लिए फायदेमंद हैं।
कर्मा आयुर्वेदा भारत का सबसे प्रामाणिक आयुर्वेदिक किडनी उपचार केंद्र हैं। यह अस्पताल सन् 1937 में धवन परिवार द्वारा दिल्ली में स्थापित किया गया था और इसका संचालन डॉ. पुनीत धवन कर रहे हैं। कर्मा आयुर्वेदा में सिर्फ आयुर्वेदिक दवाओं पर भरोसा किया जाता हैं। आयुर्वेद में पूर्ण हर्बल और प्राकृतिक उपचार का इस्तेमाल करते हैं। एलोपैथी उपचार के विपरित आयुर्वेदिक उपचार से कोई दुष्प्रभाव नहीं होता हैं। साथ ही डॉ. पुनीत धवन ने आयर्वेदिक दवाओं से सफतापूर्वक 35 हजार से भी ज्यादा मरीजों का इलाज कर चुके हैं वो भी डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट के बिना।